Saturday, 24 September 2016

अकेलपन

हम तनहा तो नही
बस थोडा अकेलपन है
दिन तो कट जाता है
झिंदगी के झमेलो मै
बस रातो में खालीपन है
खफा नही हम जिंदगी से
बस कोई मनाए कभी कभी
ये बेवाकूफसी ख्वाईश है
आँखो में खुशिया झलके
इस कोशिश में कभी थक जाऊ तो
बस रोने कि हिम्मत कर सकू
इतनी हि चाहत है
-शीतल
#हिंदीकविता #shabdasaritamazikavita

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