Tuesday, 1 September 2015

दुनियादारी


तेरी मेरी यारी , जिंदगी से भी प्यारी

कभी थोडा झगडा, कभी थोडी तकरार

फिर भी एक दुसरे के लिये कुछ  भी करने तयार

जान भी मांगेगा दोस्त तो दे देंगे  हम
तेरे लिये हि  तो जिंदा ही हम, सच यार  तेरी कसम

वो एक  जमाना था जब एक प्याली चाय मै भी  मझा था
तेरे बिन हर एक पल हमारे लिये सजा था

अभी शायद सिर्फ थोडीसी यादे ही बाकी
फिर भी तेरी मेरी यारी , जिंदगी से भी प्यारी
तेरे लिये तो दोस्त छोड  दि हमने भी दुनियादारी

- शीतल

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